सुलझाइए एक दिलचस्प गणितीय पहेली

जौनपुर

 14-09-2018 02:21 PM
विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

जब हम किसी गणित के प्रश्न को हल करने बैठते हैं, तो अक्सर हम उसका समाधान प्राप्त होने तक पूरी तरह उसमें डूब जाते हैं। इस रुचिकर विषय में अध्ययन का सिलसिला आज से नहीं वरन सदियों पुराना है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण भाषाओं की जननी ‘संस्कृत भाषा’ में लिखी गयी गणित की पुस्तकें हैं। इन्हीं पुस्तकों में से एक महावीराचार्य द्वारा लिखे गए गणित ग्रन्थ ‘गणितसारसंग्रह’ के बारे में हम आपको आज बताने जा रहे हैं।

महावीर (या महावीराचार्य) 9वीं सदी के भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषविद् और गणितज्ञ थे। वे गुलबर्ग के निवासी और जैन धर्म के अनुयायी थे। महावीराचार्य ने अनेक मौलिक ग्रंथों की रचना की जिनमें से एक है गणितसारसंग्रह। अपने इन ग्रंथो के कारण महावीराचार्य ने भारतीय गणित के क्षेत्र में बड़ा महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है।

इनके द्वारा पाठकों को ‘गणितसारसंग्रह’ में पूछा गया एक विशेष प्रश्न सदियों से विद्वानों को प्रसन्न करता आ रहा है, जो इस प्रकार है:

एक औरत और उसके पति के बीच झगड़ा होता है, उस दौरान उस औरत का हार क्षतिग्रस्त हो जाता है। तब हार के एक-तिहाई मोती महिला की तरफ बिखर जाते हैं। और एक-छठा हिस्सा बिस्तर पर गिर जाता है। अब जो बचते हैं, उनमें से आधे (और उसके बाद बचे हुए में से आधे, इसी तरह, छह बार बचे हुए में से आधे) हर जगह गिर जाते हैं। कुल 1,161 मोती नहीं बिखरते हैं, मूल रुप से कुल मिलाकर महिला के पास कितने मोती थे?

एक बार नीचे उत्तर देखने से पहले स्वयं इसे हल करने की कोशिश करें।

आश्चर्यजनक जवाब यह है, कि मूल रूप से महिला के हार पर 1,48,608 मोती थे। आइए प्रश्‍न पर नज़र डालें। एक-छठा हिस्सा बिस्तर पर गिरता है; एक-तिहाई मोती महिला की तरफ बिखरा हुआ है; इसका मतलब है कि शेष मोती जो न तो बिस्तर पर हैं और न ही उसके पास हैं, सभी मोती के आधे हैं। शेष मोती छः बार आधे हो जाते हैं, इसलिए

((1/2)^7)x = 1,161

जहां x मोती की कुल संख्या है; इस प्रकार, x = 1,48,608 है। है न कितना दिलचस्प सवाल।

वर्तमान समय में कौशल विकास और नवाचार का दौर चल रहा है। इसलिए जितना ज्यादा गणित को हम अपने जीवन में लाएंगे, उतने ज्यादा हम सफल बनेंगे। साथ ही यह हमारे विचारों के लिए तर्कसंगतता प्रदान करती है। यह एक प्रतिभा है, जिसे जीवन के हर भाग में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाना चाहिए।

संदर्भ:
1.https://goo.gl/azdcs8
2.https://pavlopoulos.wordpress.com/articles-2/a-9th-century-indian-variation-of-the-100-birds-problem/
3.https://archive.org/details/RangacaryaTheGanitaSaraSangrahaOfMahavira1912
4.https://goo.gl/cpbyLP



RECENT POST

  • इस्लाम और रमज़ान का एक महत्वपूर्ण पहलू : निय्याह
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:00 AM


  • गोल्डन सिटी ऑफ़ राजस्थान (Golden City of Rajasthan) की एक सैर
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • शर्की सल्तनत और खलीफत
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:16 AM


  • मनुष्यों और अन्य जीवों के शरीर में अंग पुनर्जनन की क्षमता में भिन्नता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:01 AM


  • लाभदायक के साथ नुकसानदायक भी हो सकती है, अनुबंध खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:45 AM


  • जौनपुर बाजार की खास विशेषता है, जमैथा खरबूज
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • पर्यावरण और मालिकों के लिए काफी लाभदायक है पेड़ों की छोटे पैमाने पर खेती
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 09:58 AM


  • पक्षी कैसे इतनी मधुर आवाज़ में गाते हैं?
    पंछीयाँ

     05-04-2021 09:49 AM


  • ईस्टर (Easter) पर अंडों का महत्व और प्रतीकवाद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     04-04-2021 10:00 AM


  • अजीनोमोटो (MSG) स्वादिष्ट अथवा भ्रान्ति!
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     03-04-2021 10:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id