क्या घोड़ा कभी लेट कर सोता भी है

जौनपुर

 23-08-2018 02:04 PM
शारीरिक

अक्सर आपने घोड़ों को खड़े-खड़े सोते देखा है। उसे ऐसा देख कर आपके मन में कई सवाल उठने लगते हैं जैसे ये खड़े-खड़े कैसे सो रहा है? ये सो भी रहा है या नहीं यदि हाँ तो गिर क्यों नहीं रहा है? आदि। और ऐसे सावालों का जहन में आना लाजमी भी है क्योंकि हम तो खड़े हो कर नहीं सो पाते। वैसे अगर ऐसे हम सो पाते तो? सोचिए तब तक हम आपको बताते हैं कि भला ये घोड़े ऐसा कैसे कर पाते हैं।

पहले घोड़े जंगलों में रहते थे। तब वे शेर, भेड़िये, लकड़बग्घे जैसे जानवरों के आक्रमण से बैठ कर या लेट कर सोते समय खुद को बचा नहीं पाते थे। क्योकिं उन्हें उठ कर भागने में समय लग जाता था। ऐसे में अपनी सुरक्षा के लिए उन्होंने खड़े होकर सोने की आदत डाली। घोड़ों की विशेषता है कि दिनभर में वे मात्र 3 से 4 घंटे ही सोते हैं, वो भी एक बार में नहीं। खड़े होकर सोते समय गिरने से बचने के लिए उनके शरीर की हड्डियों में लिगामेंट्स होते हैं जो उनके जोड़ों को मनचाहे समय तक के लिए फिक्स कर देते हैं। इसी कारण घोड़े आराम से खड़े होकर बिना गिरे सो लेते हैं।

परंतु यह धारणा पूरे तौर पर सही नहीं है कि घोड़े हमेशा खड़े-खड़े ही सोते हैं। हाँ यह जरुर है कि वह अधिकांश समय में खड़े ही रहते हैं। घोड़ा केवल गहरी नींद की अवस्था में ही लेटता है, इस अवस्था को “REM” (Rapid Eye Movement) अवस्था भी कहते हैं। घोड़े की REM अवस्था बहुत कम समय के लिये ही होती है। कभी कभार ही ऐसा होता है कि घोड़ा आधे घंटे तक लेटा रहा हो। आदत के मुताबिक घोड़ा समय-समय पर नींद की झपकियां लेता रहता है और बस एक बार ही गहरी नींद में कुछ मिनटों के लिये ही सोता है, इस तरह से वो अपने 3 से 4 घंटे की नींद को पूरा कर लेता है। साथ ही साथ घोड़े के पिछले पैरों में एक चतुर्भुजाकर संरचना होती है, जो एक लॉक सिस्टम की भांति कार्य करती है। इसीलिये घोड़ा चाहे तो खड़े खड़े भी सो सकता है, यह लॉक सिस्टम उसे गिरने से बचाता है।

भारत राजा-महाराजाओं का देश रहा है। पहले से ही भारत में घोड़ों के प्रति एक लगाव रहा है। वे लोग जो घोड़ा पालन करते हैं, वह बेहतरीन नस्ल वाले घोड़ों को पालकर उनको घुड़सवारी के शौक़ीन, खेल में इस्तेमाल करने वालों को बेच अच्छी कमाई कर लेते हैं। भारत में घोड़ों का पालन अधिकतर राजस्थान, पंजाब, गुजरात और मणिपुर में किया जाता है। घोड़ों की कई नस्लें भारत में पायी जाती हैं, लेकिन मारवाड़ी, काठियावाड़ी घोड़े, स्पीती घोड़े, ज़नस्कारी नस्ल, मणिपुरी पोनी घोड़े, भूटिया नस्ल, को प्रमुख दर्जा प्राप्त है।

संदर्भ:

1.https://www.huffingtonpost.com/quora/why-do-horses-sleep-stand_b_2323212.html
2.https://www.petmd.com/blogs/thedailyvet/aobriendvm/2014/november/contraray-popular-belief-horses-do-not-sleep-standing-321
3.http://nrce.gov.in/breeds.php



RECENT POST

  • आलू उत्पादों की समान गुणवत्ता के लिए सूखे द्रव्य की माप है आवश्यक
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     14-08-2020 05:58 PM


  • स्वाद और स्वास्थ्य से भरपूर ब्लैकबेरी नाइट्सशेड
    बागवानी के पौधे (बागान)

     13-08-2020 07:20 PM


  • आलू का कॉन्ट्रैक्ट
    साग-सब्जियाँ

     12-08-2020 06:39 PM


  • कर्मयोगी कृष्ण के विविध स्वरूप
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-08-2020 09:54 AM


  • क्षमतानुसार दान देने पर केंद्रित है, पीटर सिंगर का विचार प्रयोग ‘द लाइफ यू कैन सेव’
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-08-2020 06:45 PM


  • भारत में सबसे बड़ी ताजे पानी की झील
    नदियाँ

     09-08-2020 03:34 AM


  • क्या पक्षियों को पालतू बनाना उचित है?
    पंछीयाँ

     08-08-2020 06:05 PM


  • महाभारत और मुगल काल का लोकप्रिय खेल है चौपड़ या चौसर
    हथियार व खिलौने

     07-08-2020 06:25 PM


  • क्या रहा मनुष्य और उसकी इन्द्रियों के अनुसार, अब तक प्रारंग और जौनपुर का सफर
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     07-08-2020 06:27 PM


  • क्या है, कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण का मतलब ?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     06-08-2020 09:30 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id