नहीं देना होगा किसी को भी जबाव, बेझिझक किजिए दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद

जौनपुर

 21-08-2018 03:01 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

पहले अक्सर अन्य लोग दुर्घटनाग्रस्त लोगों की मदद करने से कतराते थे। परंतु अब फ़िक्र ना करें और बेझिझक इन लोगों की मदद करें। सड़क हादसों में शिकार लोगों की मदद करने वाले को पुलिस के सावल जावाब का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस काम के लिए अब उन्हें इनाम मिलेगा, हालांकि इस तरह के उपायों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। परंतु इस नीति का उपयोग किया जा रहा है क्योंकि लोगों को आम तौर पर इन पीड़ितों की मदद करने से डर लगता है और उनको रक्षा करने वाले इस कानून के बारे में जानकारी की भी कमी होती है।

सेव लाइफ फाउंडेशन के सर्वेक्षण में पाया गया कि 74 फीसदी लोग सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे नहीं आते। क्योंकि उन्हे कानूनी परेशानियों का डर होता है। भारतीय विधि आयोग के अनुसार 50 फीसदी मामले में दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाई जा सकती है अगर उन्हें ठीक समय पर अस्पताल में दाखिल करा दिया जाए।

सर्वोच्च न्यायालय ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ित लोगों की मदद करने वाले लोगों (गुड समेरिटन - Good Samaritan) को पुलिस या अन्य अधिकारी द्वारा अकारण परेशान किए जाने से बचाने के लिए केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों को मंजूरी दी।

इसके तहत अब दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल में पहुंचाने वाले लोगों को पुलिस के सवाल-जवाब के लिए वहां रुकने की आकश्यकता नहीं पड़ेगी और न ही उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए बाध्य किया जाएगा, या वे सिर्फ अपना पता लिखवाकर वहां से जा सकते है, यदि गुड समेरिटन को निजी पहचान बताने के लिए बाध्य किया जाता तो उस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी, गुड समेरिटन से किसी तरह के सवाल नहीं किए जाएंगे और गुड समेरिटन को किसी भी तरह की सिविल या आपराधिक जवाबदेही नहीं देनी होगी, सड़क पर घायल पड़े लोगों के बारे में फोन से सूचना देने वालों को अपनी पहचान बताने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, यदि गुड समेरिटन घायल व्यक्ति का रिश्तेदार न हो तो उसे रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे देने या दाखिला खर्च जमा करने के लिए बाध्य न किया जाए और न ही उसे वहां रहने के लिए मजबूर किया जाए आदि।

न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की पीठ ने केंद्र सरकार को इन दिशानिर्देशों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार करने के लिए भी कहा, ताकि जनता को जागरूक किया जा सके। जिससे कि लोग दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए सामने आएं।

संदर्भ:

1.https://www.hindustantimes.com/delhi-news/rs-2-000-reward-for-people-helping-accident-ctims-in-delhi/story-2XcoE6NVFCLfFaI98eHJfN.html
2.https://savelifefoundation.org/gsl-microsite/

2.http://jaunpur.prarang.in/1804211197


RECENT POST

  • जौनपुर का त्रिलोचन महादेव मंदिर है शिव भक्ति का केंद्र
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     17-10-2019 10:42 AM


  • खाद्य सुरक्षा और कृषि सहकारी का आपस में संबंध
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     16-10-2019 12:31 PM


  • अधिकतर अनुष्ठानों में उपयोग किये जाते हैं खील, बताशे, और खिलौने
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     15-10-2019 12:29 PM


  • खरोष्ठी लिपि का इतिहास
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-10-2019 02:43 PM


  • महर्षि वाल्मीकि से जुड़े रोचक तथ्य
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-10-2019 10:00 AM


  • भारत के सबसे लोकप्रिय और मनभावक रेल मार्ग
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     12-10-2019 10:00 AM


  • औषधीय और स्वादिष्ट गुणों से भरपूर कागज़ी नींबू
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     11-10-2019 10:41 AM


  • क्या है विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     10-10-2019 12:35 PM


  • क्या पृथ्वी से बनाई जा सकती हैं अंतरिक्ष तक जाने वाली लिफ्ट (Elevator)?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     09-10-2019 02:16 PM


  • विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न तरीके से मनाया जाता है दशहरा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     08-10-2019 10:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.