आज तक झेल रहे हैं परमाणु बम के दुष्प्रभाव

जौनपुर

 09-08-2018 04:40 PM
उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

आज से लगभग 73 वर्ष पहले 6 अगस्त और 9 अगस्त को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमरीका द्वारा जापान के दो शहरों हिरोशिमा (दुनिया का पहला शहर जहाँ परमाणु बम गिराया गया था) और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम की घटना मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना थी। हिरोशिमा पर जो परमाणु बम गिराया गया था उसका नाम ‘लिटिल बॉय’ (Little Boy) था, और नागासाकी पर गिराये गये परमाणु बम का नाम ‘फ़ैट मैन’ (Fat Man) था। इस त्रासदी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया। इस हमले में एक झटके में हज़ारों लोगों की मौत हो गई। दोनों शहर निर्जन हो चुके थे। हर तरफ सन्नाटा और लोगों की लाशें ही लाशें बिछी पड़ी थीं। इतना ही नहीं इस हमले के घातक प्रभाव के कारण लाखों लोग हमेशा के लिए अपाहिज हो गए। इन दोनों शहरों में आज भी उस परमाणु बम के रेडिएशन (Radiation) के कारण कई बच्चे अपाहिज पैदा होते हैं और वहाँ की वनस्पतियों तक में रेडिएशन का असर अब भी नज़र आता है।

यदि हम इसके दुष्‍प्रभावों को थोड़ी गहनता से देखें तो शब्‍दों में उसका वर्णण भी नहीं किया जा सकता है। फिर भी हम इसके कुछ कुप्रभाव के विषय में आपको बताना चाहेंगे। परमाणु बम विस्‍फोट के पश्‍चात जो लोग शेष बचे वे ल्‍यूकेमिया (Leukemia: एक प्रकार का कैंसर) के प्रभाव में आ गये तथा इसके कई वर्षों बाद तक जिनका जन्‍म हुआ वे विभिन्‍न शारीरिक कैंसर, अंधता, बौद्ध‍िक अल्‍पता, द्विमेरुता (Spina Bifida: एक तरह की बीमारी जिसमें नवजात शिशु की रीढ़ की हड्डी पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाती है), विकिरण के कारण बाल झड़ना आदि जैसी भयावह बीमारियों के साथ पैदा हुए।

जापान इस महाकाय त्रासदी से उबर तो गया परंतु आज भी यहाँ के लोग इस त्रासदी के पीड़ितों के लिए एक स्मारक ‘सदाको सासाकी’ (हिरोशिमा में परमाणु बम विस्फोट से पीड़ित लड़की) पर सेनबाज़ुरू (Senbazuru: कागज़ की बनाई 1000 सारस) की हज़ारों पुष्पांजलि अर्जित करते हैं। शान्ति की प्रतीक यह इमारत लोगों के मन में इस अमानवीय घटना के लिए एक शोक प्रकट कराती है तथा साथ ही इन्‍हें हिंसा के विरोध और शान्ति के समर्थन हेतु प्रेरित करती है।

संदर्भ:
1.http://zazenlife.com/2011/12/29/the-after-effects-of-the-atomic-bombs-on-hiroshima-nagasaki/
2.https://en.wikipedia.org/wiki/Atomic_bombings_of_Hiroshima_and_Nagasaki
3.https://blog.nationalgeographic.org/2015/08/28/how-paper-cranes-became-a-symbol-of-healing-in-japan/



RECENT POST

  • विलुप्त हो रही है जौनपुर की नेवार मूली प्रजाति
    साग-सब्जियाँ

     15-11-2019 12:48 PM


  • भारत में मधुमेह के विभिन्न आयामों का वर्गीकरण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     14-11-2019 11:59 AM


  • अटाला मस्जिद के समान है खालिस मिखलीस मस्जिद
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     13-11-2019 11:28 AM


  • सद्भाव और समानता का प्रतीक है लंगर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-11-2019 12:22 PM


  • उत्तम गुणों से भरपूर है पेरेन्काइमा (Parenchyma) में पाया जाने वाला लिग्निन (Lignin)
    कोशिका के आधार पर

     11-11-2019 12:43 PM


  • पुनर्जागरण काल में इटली के कुछ महत्वपूर्ण कलाकार और उनकी कृतियाँ
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     10-11-2019 02:51 AM


  • जौनपुर में हर्षोल्लास से मनाया जाता है, ईद मिलाद उल नवी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-11-2019 11:26 AM


  • कैसे करें ई-कॉमर्स के मंच पर अपना व्यवसाय शुरू
    संचार एवं संचार यन्त्र

     08-11-2019 11:13 AM


  • वायु प्रदूषण का मुख्य कारण है अपार मुफ्त पानी और बिजली
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     07-11-2019 11:30 AM


  • मौत से मेल करा सकता है शराब का व्यसन?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     06-11-2019 12:54 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.