‘प्रेसीज़न एग्रीकल्चर’ से होगा कृषि का उज्ज्वल भविष्य

जौनपुर

 06-08-2018 03:51 PM
आधुनिक राज्य: 1947 से अब तक

भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा भाग 'कृषि' आज से ही नहीं वरन् सिंधु घाटी सभ्यता से की जा रही है। यह देश की आबादी के लगभग 70 प्रतिशत लोगों के आर्थिक विकास और रोजगार में योगदान प्रदान करती है। वर्तमान समय में कृषि कार्यों की जटिलता, मशीनीकरण, निवेश हेतु धन का अभाव तथा भूमि की कमी ने इससे प्राप्‍त होने वाले मुनाफे को कम कर दिया है। यही कारण है कि कुछ वर्षों से कृषि उत्पादकता में गिरावट देखी गयी है। इस समस्‍या के निवारण के लिए हमें कृषि का आधुनिकीकरण करने और तकनीकि सुविधाओं को अपनाने की आवश्‍यकता है, जिसमें कृषि ‘प्रेसीज़न’ अर्थात ‘यथार्थता’ (Precision Agriculture) एक अच्‍छा विकल्‍प है।

कृषि यथार्थता सीमित भूमि में उत्‍पादकता की वृद्धि‍ करने, किसानों के श्रम कम करने तथा लाखों लोगों की खाद्य आपूर्ति करने में सक्षम हो सकती है। इसमें सैटेलाइट अवलोकन और परिष्कृत कृषि मशीन शामिल है। इसमें जी पी एस (GPS) से स्थान और समय का सूक्ष्म आकलन किया जाता है। इस प्रकार से, उपयुक्त मात्रा तथा सटिक जगह के लिये बीज, पानी, उर्वरक, कीटनाशकों आदि, के संदर्भ में जानकारी प्राप्त करके खाद्य उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है, और किसान पानी, कीटनाशकों और उर्वरक लागतों पर बचत भी कर सकते हैं।

आनुमानित है की आने वाले दस वर्षों में कृषि प्रेसीज़न से भारत में कृषि व्यवसाय को एक अच्छा भविष्य मिलेगा और रोज़गार के नये अवसर प्राप्त होंगे। कृषि प्रेसीज़न ना केवल कृषि के क्षेत्र में बल्कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र मे भी नौकरी के अवसर प्रदान कराता है, जो इससे जुड़े अविष्कारों के निर्माण में लगे हैं। प्रेसिजन कृषि के लिए रोबोट (robot) और ड्रोन (drone) जैसे मशीन की रचना करने के लिए IITs, NITs आदि जैसे संस्थानों के उत्कृष्ट इंजीनियरों की आवश्यकता है।

इससे कृषि यांत्रिकी या रोबोटिक्स (Robotics) नामक इंजीनियरिंग की एक नई शाखा की स्थापना भी की जा सकती है। इंजीनियर तथा कृषि वैज्ञानिक इस क्षेत्र के विकास में मिलकर काम कर सकते हैं। इससे इस क्षेत्र में छात्र बेहतर नौकरियों के साथ कृषि से संबंधित व्यवसाय का भी चयन करना चाहेंगें। इस उच्च तकनीकी खेती के माध्यम से ना केवल ग्रामीण किसानों को अपनी आजीविका सुधारनें का मौका मिलेगा बल्कि भारत में अगली हरीत क्रांति लाने में भी मदद मिलेगी।

संदर्भ:
1.https://www.futurist.com/articles-archive/future-of-agriculture/
2.http://indiamicrofinance.com/population-growth-agriculture-india.html
3.https://www.thehindu.com/todays-paper/What-precision-farming-is-and-is-not/article15190199.ece
4.https://www.huffingtonpost.in/dr-anil-k-rajvanshi/precision-agriculture-can_b_6845378.html



RECENT POST

  • तंदूर का इतिहास
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     04-08-2020 08:45 AM


  • क्या रहा जौनपुर के जीव-जंतुओं के आधार पर, अब तक प्रारंग का सफर
    शारीरिक

     31-07-2020 08:30 AM


  • भारतीय पुराण और इतिहास के मशहूर भाई-बहन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 03:58 PM


  • दुनिया में सबसे अलग जनजाति है
    सिद्धान्त 2 व्यक्ति की पहचान

     31-07-2020 05:36 PM


  • अल्लाह के ‘हुक्मनामे या पूर्व निर्धारित निर्णय’ को संदर्भित करता है ‘कदर’
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 05:56 PM


  • मुस्लिम समुदाय के लोगों का अद्भुत पर्व है ईद उल-अज़हा
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     31-07-2020 06:03 PM


  • सफर: सड़क और पर्यावरण का
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     30-07-2020 03:42 AM


  • क्या रहा जौनपुर के भूगोल के आधार पर, अब तक प्रारंग का सफर
    पर्वत, चोटी व पठार

     29-07-2020 09:50 AM


  • अक्षय ऊर्जा: सर्वोच्च प्राथमिकता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     29-07-2020 08:30 AM


  • हज यात्रा: कल और आज
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     28-07-2020 05:49 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.