रियलिटी टीवी को समझने का एक सिद्धान्‍त

जौनपुर

 28-07-2018 01:04 PM
संचार एवं संचार यन्त्र

व्‍यक्ति से परिवार, परिवारों से समाज का निर्माण होता है। अलग अलग वेशभूषा, विचारधारा संस्‍कृति और धर्म के लोग उसके आस पास रहते हैं। समाज के सिद्धान्‍तों से हमें इसकी पूर्ण जानकारी प्राप्‍त होती है तथा समाज के वास्‍तविक स्‍वरूप को जानने के अवसर मिलते हैं।

सामाजिक निर्माण सिद्धांत एक माध्यम है जिससे हम विचार करें, कि हमारे आस पास जिस भी चीज़ को हम वास्तविक कहते है, उसे आखिरकार परस्पर सामाजिक अनुभूति ही वास्तविक बनाते हैं। सोशियोलॉजी (Sociology) व् मीडिया जैसी विषय में किसी बात को गहराई से समझने के लिए अनेक सिद्धांतों में एक यह सिद्धांत है, जो आज के के ज़माने के रियलिटी टीवी पर विचार करना दिलचस्प बनाती हैं।

जैसे कविता समाज का दर्पण होती है, उसी प्रकार की भूमिका आज सोशल मिडिया, टेलीविज़न में प्रसारित विभिन्‍न कार्यक्रम निभाते हैं। साथ ही ये नये समाज के निर्माण में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान समाज को विभिन्‍न टीवी सिरियल तथा उनमें भूमिका निभा रहे किरदार नई दिशा प्रदान करते हैं। एक तरफ यह बात है कि हम जिस चीज़ को वास्तविक कहते हैं, वह समझ मीडिया से प्रभावित होते है। परन्तु जिसे हम मीडिया पर देखकर वस्स्त्विक कहते हैं, वह भी सामाजिक विनिमय से वास्तविकता का रूप लेता है। जौनपुर के नेता, रवि किशन, की छवि पूरे भारत में प्रसिद्ध हैं, राजनीति, फिल्म, और लोकप्रिय रियालिटी शॉ के माध्यम से। लोकप्रिय कल्पना में उनकी बात की जाये तो कई रियलिटी प्रोग्राम मन में आते हैं।

दर्शक को प्रभावित करने में दृश्‍य संचार माध्‍यम से प्रसारित होने वाले रियालिटि शॉ भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रकार के अधिकांश कार्यक्रम आम जनता को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं, तथा समाज के मनोरंजन का माध्‍यम बनते हैं जिसमें गाने के कार्यक्रम, डांस के कार्यक्रम, प्रश्नोत्तरी (quiz) जैसे कार्यक्रम शामिल हैं, इसमें भाग लेने वाला प्रतिनिधि मात्र अपने व्‍यक्तित्‍व का ही नहीं वरन अपने समाज का भी प्रतिनिधित्‍व करता है।

रियलिटी टेलीविज़न आज वास्‍तविकता और बनावट का अंतर धुंधला रहा हैं। इसको ध्‍यान में रखते हुए, और इसको समझने के लिए, कई निर्माण के मूलभुत कारकों की ओर ध्‍यान आकर्षित करने का प्रयास सामाजिक निर्माण सिद्धान्‍त से हो सकता है।

संदर्भ:
1. https://www.jaunpurcity.in/2013/09/ravi-kishan-notable-film-actor-from.html
2. ऊलेट, लौरी. 2016.
अ कमपैनियन टू रियलिटी टेलीविज़न, जॉन वाईली एंड संस
3. https://www.youtube.com/watch?v=5U2XAJNazik
4. http://www.oxfordreference.com/view/10.1093/oi/authority.20110803100515181



RECENT POST

  • खाद्य यादों में सभी पांच इंद्रियां शामिल होती हैं, इस स्मृति को बनाती समृद्ध
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     26-05-2022 08:17 AM


  • जौनपुर सहित यूपी के 6 जिलों से गुज़रती पवित्र सई नदी, क्यों कर रही अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष?
    नदियाँ

     25-05-2022 08:18 AM


  • जंगलों की मिटटी में मौजूद 500 मिलियन वर्ष पुरानी विस्तृत कवक जड़ प्रणालि, वुड वाइड वेब
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     24-05-2022 07:38 AM


  • चंदा मामा दूर के पे होने लगी खनिज संसाधनों के लिए देशों के बीच जोखिम भरी प्रतिस्पर्धा
    खनिज

     23-05-2022 08:47 AM


  • दुनिया का सबसे तेजी से उड़ने वाला बाज है पेरेग्रीन फाल्कन
    व्यवहारिक

     22-05-2022 03:53 PM


  • क्या गणित से डर का कारण अंक नहीं शब्द हैं?भाषा के ज्ञान का आभाव गणित की सुंदरता को धुंधलाता है
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     21-05-2022 11:05 AM


  • भारतीय जैविक कृषि से प्रेरित, अमरीका में विकसित हुआ लुई ब्रोमफील्ड का मालाबार फार्म
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     20-05-2022 09:57 AM


  • क्या शहरों की वृद्धि से देश के आर्थिक विकास में भी वृद्धि होती है?
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     19-05-2022 09:49 AM


  • मिट्टी से जुड़ी हैं, भारतीय संस्कृति की जड़ें, क्या संदर्भित करते हैं मिट्टी के बर्तन या कुंभ?
    म्रिदभाण्ड से काँच व आभूषण

     18-05-2022 08:49 AM


  • भगवान बुद्ध के जीवन की कथाएँ, सांसारिक दुःख से मुक्ति के लिए चार आर्य सत्य
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     17-05-2022 09:53 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id