जौनपुर और बंगाल सल्तनत की लड़ाई रुकवानी पड़ी मिंग और तिमुरिद वंश को

जौनपुर

 04-07-2018 02:16 PM
मघ्यकाल के पहले : 1000 ईस्वी से 1450 ईस्वी तक

जौनपुर एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक शहर है। यहाँ पर अनेकों ऐसी घटनाएं घटित हुयी हैं जिन्होंने मात्र जौनपुर नहीं बल्कि पूरे विश्व के इतिहास को प्रभावित किया। जौनपुर शर्कियों के काल में एक बहुत बड़ी शक्ति के रूप में उभर कर सामने आया तथा इसकी सीमाएं पूरब में बंगाल को, पश्चिम में दिल्ली को, उत्तर में नेपाल को और दक्षिण में मध्यप्रदेश को छूने लगी थी। ऐसे में यहाँ पर सीमाओं को लेकर खींच तान होना वाजिब सी बात थी। जौनपुर सल्तनत की अलीगढ़ की लड़ाई अत्यंत महत्वपूर्ण है पर इस लड़ाई के अलावा एक ऐसी भी लड़ाई थी जिसने विश्व व्यापार को एक बड़े पैमाने पर प्रभावित किया और यह लड़ाई थी बंगाल सल्तनत और जौनपुर सल्तनत के मध्य।

इस युद्ध ने विश्व व्यापार को एक बड़े पैमाने पर प्रभावित किया था। जौनपुर सल्तनत ने बंगाल के राजा गणेश को चुनौती दी और कालांतर में राजा गणेश को गद्दी से हटा दिया गया और उसका बेटा गद्दी का मालिक बन बैठा जिसने इस्लाम को स्वीकार कर लिया था। जौनपुर के शर्की राजा इब्राहिम शाह ने बंगाल पर लगातार हमले किये जो कि जलालुद्दीन मुहम्मद शाह के आधिपत्य में था। यह युद्ध सन 1415 से 1420 तक चलता रहा। इस युद्ध से विश्व व्यापार में बड़ी क्षति महसूस की गयी थी और यही कारण है कि यहाँ पर विश्व के अन्य देशों के राजाओं ने भी हस्तक्षेप किया था।

शाहरुख़ मिर्जा की अदालत में एक राजनयिक ने जब यह सन्देश दिया कि इन दोनों सल्तनतों की लड़ाई में कैसे कई परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं तो शाहरुख़ मिर्जा (जो कि एक तिमुरिद शासक था) ने दोनों सल्तनतों के मध्य हस्तक्षेप किया। वहीं चीन के मिंग साम्राज्य के दस्तावेजों की यदि मानें तो योंगल सम्राट ने भी इन दोनों सल्तनतों के मध्य मध्यस्थता की थी। इस मध्यस्थता के कारण ही इन दोनों सल्तनतों के मध्य सम्बन्ध में कुछ मधुरता आई थी। आइये अब जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर शाहरुख़ मिर्जा और योंगल थे कौन? शाहरुख़ मिर्जा तैमुर के सबसे छोटे बेटे थे तथा इन्होंने ट्रांसोक्सियाना और फारस के मध्य तिमुरिद राजवंश की स्थापना की थी। शाहरुख का शासन काल 1405 से 1447 तक था। वहीं योंगल चीन के मिंग राजवंश का तीसरा शासक था जिसने 1402 से 1424 तक शासन किया था।

इस प्रकार से हम देख सकते हैं कि जौनपुर की महत्ता विश्व के बड़े से बड़े साम्राज्यों में फैली हुयी थी और इसका कारण था यहाँ से होने वाला व्यापार और एक बड़े क्षेत्र पर एकाधिपत्य। बंगाल और जौनपुर के मध्य शांति का संचार हुआ। और सन 1494 में दिल्ली सल्तनत द्वारा किये गए हमले के कारण जौनपुर सुलतान हुसैन शाह शर्की ने बंगाल में आश्रय लिया था।

संदर्भ:
1. https://en.wikipedia.org/wiki/Yongle_Emperor
2. https://en.wikipedia.org/wiki/Shah_Rukh
3. https://en.wikipedia.org/wiki/Bengal_Sultanate%E2%80%93Jaunpur_Sultanate_War



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