क्यों नहीं इस्तेमाल कर रहे जौनपुरवासी सुलभ शौचालय?

जौनपुर

 14-06-2018 01:09 PM
नगरीकरण- शहर व शक्ति

सही ज्ञान ही स्वच्छता की कुंजी है और स्वच्छता निरोगी काया का सुख है। सही जानकारी और निरोगी काया, प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है। भारतीय रिकार्ड के अनुसार, जब स्वच्छता की बात आती है, यह कथन मात्र कथन ही रह जाता है। पूरे भारत में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का बोल-बाला है। जिसके तहत शौचालय क्रांति अपने उफान पर है। लेकिन यह जमीनी हकीकत नहीं है।

भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में हमारा जौनपुर जिला स्थित है। जौनपुर में खुले में शौच की समस्या से निजात पाने के लिए अति आवश्यक स्थानों पर बहुत से डीलक्स सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया है, जो निःशुल्क हैं। लेकिन ठेकेदार लोग रख-रखाव के नाम पर जनता से पैसे वसूल कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक शौचालय का रख-रखाव ठेकेदार की जिम्मेदारी है, पैसा वसूलना नहीं। ठेकेदार द्वारा पैसा वसूलने के कारण लोग खुले में ही शौच जा रहे हैं। जिस कारण स्वास्थ्य सम्बंधित समस्याएं बढ़ रही हैं और बढ़ती महंगाई के चलते आर्थिक समस्या से जूझते हुए लोगों के पास सही इलाज की उपलब्धता नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, स्वच्छता की कमी वाले शहरों और गांवों में हैजा, खसरा, दस्त, हिपेटाइटिस-ए और टायफाइड जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे गंदगीयुक्त स्थानों पर सबसे अधिक बाल मृत्यु होती हैं।

इस समस्या से लड़ने के लिए सरकार कई नए कदम उठा रही है और नए सुझाव सामने आ रहे हैं जैसे ट्विन टॉयलेट्स (Twin Toilets)। इसमें एक साथ दो शौचालय बनवाए जाते हैं ताकि जब एक शौचालय की पूर्ण क्षमता तक इस्तेमाल हो जाये तब उसे साल भर के लिए बंद करके दूसरे का इस्तेमाल किया जाये और साल भर में पहले शौचालय का सारा मॉल-मूत्र खाद बनके तैयार हो जाये। यूनिसेफ (UNICEF) के मुताबिक सही शौच में निवेश किया गया एक रुपया किसी दूसरे रूप में 4.3 रूपए की बचत में तब्दील हो सकता है। अतः सिर्फ सरकार के प्रयासों से इस समस्या का हल संभव नहीं है, परन्तु हम आम जनता को भी जागरूक होना होगा और दूसरों को भी जागरूक करना होगा।

1.https://qrius.com/heres-why-the-government-needs-to-make-sanitation-a-priority-soon/
2.https://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-deluxe-toilets-made-in-the-city-showpiece-18049252.html



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