जौनपुर में रमज़ान का महीना

जौनपुर

 09-06-2018 12:31 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

रमज़ान वह महीना है जिसमें पवित्र कुरान पैगंबर मोहम्मद को भेंट किया गया था। नतीजतन रमज़ान को पवित्र कुरान को एक समर्पण के साथ पढ़ने के महीने के रूप में जाना जाता है। मुस्लिमों को इस महीने के दौरान कम से कम एक बार पवित्र कुरान के पूर्ण पाठ को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कुरान के 600 पृष्ठों को एक औसत के साथ पूरे महीने भर पढ़ा जाता है। रमज़ान इस्लाम के पांच मुख्य स्तंभों में से एक है। यह 12 वर्ष की उम्र से बड़े मुस्लिमों के लिए अनिवार्य है तथा इस उपवास से बुज़ुर्ग और बीमार आदि मुक्त हैं। रोजा या उपवास केवल मनुष्य द्वारा पूरे दिन तक भोजन और पानी का सेवन न करने तक ही नहीं सीमित है बल्कि इसमें तर्कसंगत रूप से कटु वचन, गुस्सा और दुर्भावनापूर्ण व्यवहार से बचना और ना करना भी शामिल है। यह मानव की शक्ति और उसके धैर्य का भी परिचायक है।

रमज़ान इस्लामिक कैलेण्डर के अनुसार 9वें महीने में शुरू होता है। इसे उपवास, आशीर्वाद और क्षमा का महीना माना जाता है। इस्लाम में उपवास का बहुत महत्व है। अल्लाह के दूत पैगंबर मोहम्मद ने कहा है कि, “अल्लाह ने कहा है, मनुष्य का हर कार्य उपवास को छोड़कर उसके लिए है और उपवास मेरे लिए किया जाता है और मैं इसे पुरस्कृत करूंगा”। इस महीने में पूरे भक्ति भाव से अल्लाह की इबादत की जाती है तथा व्यक्ति पूरी शिद्दत के साथ रमज़ान का पूरा महीना अल्लाह को समर्पित कर देता है। जौनपुर शहर मस्जिदों के शहर के रूप में जाना जाता है तथा यहाँ पर शर्की काल से लेकर अकबर तक ने अनेकों मस्जिदों का निर्माण करवाया है। जौनपुर की जामा मस्जिद, अटाला मस्जिद, झंझरी मस्जिद आदि में लोग बड़े पैमाने पर रमज़ान के महीने में नमाज अदा करते हैं।

जौनपुर में इस महीने में धार्मिक सद्भाव दिखाई देता है। विभिन्न धर्म के लोग इफ्तारी में शरीक होते हैं। इफ्तार रमज़ान में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है। रोज़े की शुरुआत से पहले भोर में ही लोग पानी और खाने आदि का सेवन कर लेते हैं तथा पूरे दिन भर बिना जल की एक बूँद लिए और अन्न का एक दाना खाए रहते हैं। शाम को एक निश्चित समय में लोग रोज़ा खोलते हैं तथा रोज़ा खोलने के बाद नमाज़ पढ़ते हैं। रमज़ान के ख़त्म होने के बाद ईद मनाई जाती है। जौनपुर में ईद बड़ी धूम-धाम से मनाते हैं तथा सेवैय्याँ आदि का सेवन करते हैं। यहाँ पर हर स्थान पर खाने की विभिन्न दुकानें हमें रमज़ान के महीने में दिखाई देती हैं।

1. https://gulfnews.com/?_refresh=true
2. https://www.thenational.ae/arts-culture/discovering-the-true-meaning-of-ramadan-1.363245
3. http://www.oregonlive.com/faith/2016/06/ramadan_2016_whats_the_purpose.html



RECENT POST

  • क्या भारतीय सांख्य और दर्शन से प्रेरित है पाइथागोरस प्रमेय?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 02:16 PM


  • कैसे होता है मौसम और ऋतुओं में परिवर्तन?
    जलवायु व ऋतु

     15-07-2019 12:46 PM


  • प्रात: कालीन राग रामकली और उसकी अभिव्यक्ति
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • जहाँ तर्क की हुई हार, वहाँ अन्धविश्वास का हुआ प्रचार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-07-2019 11:45 AM


  • उत्तरप्रदेश में आदर्श श्रेणी का स्टेशन है जौनपुर जंक्शन
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-07-2019 12:58 PM


  • भारतीय पारम्परिक परिधान को चार चांद लगाता है मोगरा
    बागवानी के पौधे (बागान)

     11-07-2019 12:50 PM


  • प्लास्टिक प्रदूषण बन रहा है जीवों की मृत्यु का कारण
    नदियाँ

     10-07-2019 01:10 PM


  • बरसात के कीड़ें-मकोड़ों से सुरक्षित रहना है आवश्यक
    तितलियाँ व कीड़े

     09-07-2019 12:20 PM


  • औषधीय गुणों से भरपूर है बेर
    साग-सब्जियाँ

     08-07-2019 11:28 AM


  • जौनपुर के नजदीक स्थित धार्मिक राजधानी वाराणसी का चलचित्र
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-07-2019 09:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.