इमामबाड़े और मस्जिद में क्या अंतर?

जौनपुर

 05-06-2018 12:14 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

जौनपुर का इतिहास हमेशा से ही गौरव पूर्ण रहा है। यहाँ पर महाजनपद काल से भी पहले अनेकों सभ्यताओं ने अपना विस्तार किया। कुषाणों और प्रतिहारों के भी अधिकार क्षेत्र में यह जिला रहा था। जौनपुर शहर और इसके कुछ अन्य कस्बों का निर्माण मध्यकालीन भारत में उस समय हुआ जब भारत पर कई सल्तनत शासकों का प्रभाव था। ऐसे में जौनपुर शर्की काल में भारत की सबसे ताकतवर सल्तनत के रूप में उभरा। इस काल में यहाँ पर अनेकों भवनों का निर्माण किया गया। इन भवनों में मस्जिद, इमामबाड़ा, किले आदि का निर्माण किया गया। मस्जिदों में अटाला, झंझरी, जामी प्रमुख हैं और वहीँ इमामबाड़ा में कल्लू का इमामबाड़ा, इस्लाम का चौक, सदर इमामबाड़ा, हमजापुर इमामबाड़ा, पंजे शरीफ आदि हैं। आइये हम जानते हैं कि आखिर इमामबाड़ा होता क्या है?

इमामबाड़ा के कई नाम हैं जैसे हुसैनिया, असुरखाना और इमामबाड़ा। यह शिया सम्प्रदाय से जुड़ा होता है जो कि हुसैन इब्न अली को मानते हैं। हुसैन इब्न अली शिया सम्प्रदाय के तीसरे इमाम थे और इनकी हत्या कर्बला, इराक में याज़िद द्वारा कर दी गयी थी। इसी के मातम के रूप में मुहर्रम मनाया जाता है और लोग इमामबाड़ा में इकट्ठा होते हैं। इमामबाड़ा दो शब्दों से मिल कर बना है। पहला ‘इमाम’ जो कि एक अरबी शब्द है और दूसरा ‘बाड़ा’ जो कि हिंदी का शब्द है। इमामबाड़ा एक मस्जिद से भिन्न होता है तथा इसका निर्माण मुख्य रूप से लोगों के हुजूम को इकट्ठा होने के लिए करवाया जाता है।

जौनपुर में इतनी बड़ी संख्या में इमामबाड़ों को देखकर सहसा यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसको शर्की और मुग़ल काल में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। जैसा कि यह स्थान शर्कियों की राजधानी थी तो इसका निर्माण और साज-सज्जा तो होना तय ही था परन्तु लोदियों के बाद मुगलों ने जौनपुर को एक अहम स्थान दिया। जौनपुर अपने भवनों आदि के कारण मुगलों को आकर्षित तो किया ही था परन्तु साथ-साथ यह ऐसी भौगोलिक दशा पर स्थित था कि यह मुगलों के लिए उत्तम स्थान के रूप में उभर कर सामने आया था। आज भी यहाँ की मस्जिदें, इमामबाड़े व अन्य भवन जौनपुर के स्वर्णिम इतिहास को प्रस्तुत करते हैं।

1. जौनपुर का गौरवशाली इतिहास, शरतेन्दु दुबे
2. शर्की सल्तनत ऑफ़ जौनपुर, ए. एल. बाशम
3. http://www.dictionary.com/browse/imambarah



RECENT POST

  • जौनपुर में शहरी विकास का ग्रामीण विकास पर पड़ता प्रभाव
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     22-08-2019 02:12 PM


  • कैसे विज्ञापन पसन्द करते हैं जौनपुर के उपभोक्ता
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     21-08-2019 04:14 PM


  • जौनपुर की प्रसिद्ध मूली – जौनपुरी नेवार
    साग-सब्जियाँ

     20-08-2019 01:24 PM


  • लहसुन के चमत्कारी औषधीय गुण
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     19-08-2019 02:00 PM


  • कहाँ और कैसे किया जाता है भारतीय मुद्रा का मुद्रण(Printing)
    सिद्धान्त I-अवधारणा माप उपकरण (कागज/घड़ी)

     18-08-2019 10:30 AM


  • नदियों का संगम क्या है और त्रिवेणी संगम कैसे खास है?
    नदियाँ

     17-08-2019 01:49 PM


  • विभाजन के बाद भारत पाक के मध्‍य संपत्ति विवाद
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-08-2019 03:47 PM


  • अगस्त 1942 में गोवालिया टैंक मैदान में लोगों पर इस्तेमाल की गई आंसू गैस की अनदेखी तस्वीरें
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     15-08-2019 08:36 AM


  • विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न रूप से मनाया जाता है रक्षाबंधन
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-08-2019 02:58 PM


  • जौनपुर में रोजगार सृजन कार्यक्रम का क्रियान्वयन
    नगरीकरण- शहर व शक्ति

     13-08-2019 12:17 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.