जौनपुर और विश्व में इत्र का व्यापार

जौनपुर

 22-04-2018 11:30 AM
गंध- ख़ुशबू व इत्र

इत्र विश्व भर में आदिकाल से ही प्रचलित है और यही कारण है कि लोगों ने हजारों सालों तक अपने शरीर पर इत्र, तेल और उच्छेदन (सुगंधी मरहम) का इस्तेमाल किया है। शुरुआती मिस्रियों ने धार्मिक समारोहों के रूप में सुगंधित बाम का इस्तेमाल किया और बाद में इसका उत्पाद भी किया जो शरीर की दुर्गन्ध को कम करते हैं। इत्र हर संस्कृति में बहुत मूल्यवान हैं।

यूरोमोनीटर इंटरनेशनल के मुताबिक 2016 में वैश्विक इत्र बाजार 48 अरब डॉलर था। अमेरिका में, पिछले वर्ष यह बाजार 2.6 फीसदी बढ़कर 7.9 अरब डॉलर रहा। अधिकांश परफ्यूम बड़े, बहुराष्ट्रीय सौंदर्य संगठनों द्वारा अनुज्ञप्ति के तहत उत्पादित किए जाते हैं जैसे कि शीसेडो, एस्ते ल्यूडर, लोरियाल, रेवलॉन, कॉटी और इंटरपरफाफ आदि। ये बड़ी कंपनियां एक तेजी से विकसित ब्रांड के लिए और कुलीन वर्गों को ध्यान में रखकर इत्र का उत्पाद करती हैं।

छोटे निजी तौर पर संगठित और स्वतंत्र कंपनियां अधिक कृत्रिम, आला सुगंधों का निर्माण करती हैं जो आमतौर पर विकसित होने में अधिक समय लेती हैं। सुगंध निर्माता बाजार समय के साथ अधिक संकुचित हो रहा है क्योंकि बड़े संगठन छोटे उद्योगों और अधिक कुटीर ब्रांडों का अधिग्रहण करते हैं।

पुराने दिनों में इत्र, गुलाब तेल, पेपरमिंट, बे पत्ती, नीलगिरी, जेरियम, आयरिस, चमेली, लैवेंडर, नींबू, बकाइन, लिली, मैगनोलिया, काई, नारंगी, पाइन, रास्पबेरी, गुलाब, चंदन, ट्यूरेस, वेनिला, बैंगनी, इत्यादि जैसे वनस्पतियों से किया जाता था। 19वीं सदी के अंत में इत्र का पहला वास्तविक युग था। इस अवधि के दौरान, जैविक रसायन विज्ञान में प्रगति के कारण नई सुगंधों को बनाया गया था। फ्रांस इत्र उद्योग के लिए फूल और जड़ी बूटी के लिए एक केंद्र बन गया। यह केवल 20 वीं सदी में था कि सेंट और डिजाइनर इत्र वास्तव में बड़े पैमाने पर उत्पादित किये गए थे। भारत के सुगंध बाजार ने पिछले पांच वर्षों (2010-2015) के दौरान एक स्थिर वृद्धि का प्रदर्शन किया है। महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति, तथा सौंदर्य और कल्याण उत्पादों पर उपभोक्ता खर्च में बढ़ोतरी के साथ-साथ निजी तौर पर तैयार करने के कारण विस्तारित उत्पाद श्रृंखलाओं ने बाजार की वृद्धि में योगदान दिया है।

पिछले पांच वर्षों की अवधि के दौरान सुगंध बाजार में 10.0% के सी.ए.जी.आर. (Compound Annual Growth Rate) में काफी बढ़ोतरी हुई है। भारत के इत्र उद्योग का समग्र आकार वर्तमान में 2000 करोड़ रुपये का अनुमान है, जो अगले 5 वर्षों तक 50% से 3,000 करोड़ रूपये बढ़ने का अनुमान है। वर्तमान ऑनलाइन इत्र बाजार 148 करोड़ रुपये है जो कि लगभग 120% बढ़कर 345 करोड़ रुपये हो सकता है। जैसा कि भारतीय उपभोक्ता तेजी से ऑनलाइन शॉपिंग में बदल रहे हैं, इत्र श्रेणी का ऑनलाइन बाजार हिस्सा, जो वर्तमान में कुल इत्र बाजार का 7% है, अगले 5 वर्षों तक लगभग 11% तक बढ़ सकता है। भारत में कुल इत्र बाजार में लगभग 6% गुजरात का योगदान है।

जौनपुर प्राचीन काल से ही इत्र के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जाता है। यहाँ पर इत्र का निर्माण किया जाता है जो कि बाद में विभिन्न देशों में भेजा जाता है। इत्र बनाने के लिए प्रयुक्त सामग्री जैसे कि पुष्प की खेती भी जौनपुर में बड़े पैमाने पर होती है। इत्र क्षेत्र में बढ़ोतरी जौनपुर में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक होगी। वर्तमान में भारत इत्र बनाने के लिए प्रयुक्त फूलों को बड़ी मात्रा में विदेशों में निर्यातित करता है।

1.https://www.fungglobalretailtech.com/research/reviewing-trends-global-fragrance-market/
2.http://www.craftingluxurylifestyle.com/a-snapshot-of-the-fragrance-industry-of-india/
3.http://www.uniindia.com/perfume-industry-of-jaunpur-bottomed-out-will-rise-again-rita-bahuguna/states/news/1185555.html



RECENT POST

  • क्या हैं नैनो प्रौद्योगिकी वस्त्र?
    स्पर्शः रचना व कपड़े

     18-06-2019 11:02 AM


  • क्या प्रवासी पक्षी रात में भी भरते हैं उड़ान?
    पंछीयाँ

     17-06-2019 11:49 AM


  • पिता का अर्थ है संघर्ष और त्याग का समन्वय
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-06-2019 10:30 AM


  • आयुर्वेद का पंचकर्म – शरीर शुद्धिकरण की प्रक्रिया
    व्यवहारिक

     15-06-2019 10:51 AM


  • छोटे और सीमांत किसानों की समस्याओं को समझाती 2017 की एक पुस्तक
    ध्वनि 2- भाषायें

     14-06-2019 10:55 AM


  • जौनपुर का ऐतिहासिक ‘जौनपुर क्लब था पहले इंग्लिश क्लब’
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     13-06-2019 10:35 AM


  • भारत की कुछ मुख्य पारंपरिक चित्रकला शैलियाँ
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     12-06-2019 11:55 AM


  • इस्‍लाम धर्म में दरी का महत्‍व तथा जौनपुर के मस्जिदों की दरियाँ
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     11-06-2019 11:43 AM


  • गर्मी के मौसम में कौन-सी सब्ज़ियाँ हैं स्वास्थ्यवर्धक?
    साग-सब्जियाँ

     10-06-2019 12:00 PM


  • भारत के विचित्र और रहस्यमयी शिव मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-06-2019 10:15 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.