विभिन्न धर्मों में प्रार्थना और संगीत राग के रूप में सूर्य से उसका सम्बन्ध

जौनपुर

 16-04-2018 12:07 PM
विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

ईश्वर की प्रार्थना समय के अनुसार की जाती है। सूर्य की स्थिति इन प्रार्थनाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। हिन्दू प्रार्थना, सिख प्रार्थना और मुस्लिम प्रार्थना आदि सूर्य की स्थिति पर ही आधारित होती हैं। सिखों की पवित्र किताब गुरू ग्रन्थ साहिब (प्रकाश के सर्वोच्च शिक्षक) में उत्तम संगीत सन्निहित है। गुरू ग्रन्थ साहिब को 33 भागों में विभाजित किया गया है। पहला भाग जपजी महाकाव्य को सन्निहित किये हुए है जो गुरू नानक द्वारा लिखित है और यह गाने के लिए नहीं बना है। जपजी पूरी गुरुग्रन्थ साहिब का एक विशिष्ट सारांश है। इसका अंतिम भाग एक पूरे संग्रह का मिश्रित छंद है जो कि श्लोकों और सवैयों के रूप में भट्टों (एक गवैयों की जाति) द्वारा गायी जाती है। बचे हुए गुरू ग्रंथ साहिब के 31 भाग भजनों का संकलन हैं। भजनों को एक महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक रूप से 5वें गुरू द्वारा तैयार किया गया है। वे प्रथम धुन या राग के आधार पर बिठाये गये हैं, द्वितीय अपने काव्यात्मक प्रकार या कविता के आकार पर, और अन्तोगत्वा लेखक के आधार पर। गुरू ग्रन्थ साहिब के गायन को संवेदना, रूप, समय के आधार पर जोड़ा व नापा गया है जो कि विभिन्न प्रकारों व उर्जा को प्रदर्शित करती है। सभी विषयों को निम्लिखित रूप से संक्षेप मे किया जा सकता है-

राग बिलावल- आत्मा के सौंदर्यीकरण के विषय को प्रस्तुत करता है।
राग गौन्द और टुखरी- लगाव व मिलन पर आधारित विषय।
राग श्री- माया और अलगाव को प्रदर्शित करता है।
राग माझ- एक आत्मा की भगवान के साथ विलय करने की इच्छा को और नकारात्मक मूल्यों को छोड़ने की जांच करता है।
राग गौरी- आध्यात्मिक सिद्धान्तों और विचारशीलता की खोज करता है।
राग आशा- आशा।
राग गुजरी- पूजा-पाठ की पड़ताल।
राग देवगंधारी- उन लोगों के साथ विलय के विषय की पड़ताल करता है जो पति या पत्नी और आत्मनिवेदन के साथ मिलते हैं।
राग सोरठ- देवताओं के गुण दोश को खोजता है।
राग धनासरी कई विषयों का प्रयोग करता है।
राग जैतश्री- स्थिरता प्रदान करता है।
राग तोड़ी- माया और अलगाव के बारे में बताता है।
राग बैरागी- ईश्वर की महिमा का गुणगान गाने को प्रेरित करता है।
राग तिलंग- प्रकार की कविताएँ जिसमें इस्लामी परम्परागत् शब्दों का संकलन हो जो उदासी व सौन्दर्य के लिये गाये जाते हों।
राग रामकली- ऐसे विषय को आधार बनाता है जिसमें सामाजिक जीवन का त्याग कर योगी बनना हो।
राग नट नारायण- ईश्वर से मिलने की खुशी को प्रदर्शित करता है।
राग माली गौरा और बसंती- खुशियों पर आधारित।
राग मारू- वीरता व दर्शन पर आधारित।
राग केदार- प्यार।
राग भैरव- नर्क के विभिन्न रूपों पर आधारित।
राग सारंग- भगवान के प्यास के विषयों पर आधारित।
राग जयवंती और वधन- अलगाव पर आधारित।
राग कल्याण, प्रभाति और कानरा- भक्तिमय।
राग सूही, बिहग्र और मलार- इसका विषय प्रेम पर आधारित व ईश्वर से दूर प्रेमी (पति) से मिलने की खुशी पर आधारित है।

ये सारे गीत दिन पर और सूर्य की स्थिति पर आधारित होते हैं, जैसे सुबह के लिए एक राग, दोपहर के लिए अन्य और सायं, रात्रि के लिए अन्य। एक पूरे दिन की रागमाला, जीवन के लिए एक रूपक है।

1. संजीव अभयंकर- https://www.youtube.com/watch?v=YcNO9lMWGqU&feature=youtu.be
2. राग समय- अभिजीत बहादुरी- http://www.abhijitbhaduri.com/index.php/2012/04/the-charm-of-raga-jaunpuri/
3. इंडियन क्लासिक म्युजिक https://hindustaniclassicalmusic.wordpress.com/2011/05/19/raga-samay-chakra-the-cyclical-time-theory-of-ragas-2/
4. सिखविकी



RECENT POST

  • विश्व भर में अपनाया गया है, भारतीय व्यंजन को
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     28-02-2020 12:00 PM


  • भारतीय सेना में भर्ती के लिए आवश्यक है कठिन परिश्रम और आवश्यक शारीरिक दक्षता
    य़ातायात और व्यायाम व व्यायामशाला

     27-02-2020 11:40 AM


  • क्या कृत्रिम बारिश हो सकती है हमारे लिए एक वरदान?
    जलवायु व ऋतु

     26-02-2020 04:25 AM


  • क्या जौनपुर सहित सम्पूर्ण भारत में उपयोगी सिद्ध होगी फेशियल-रिकग्निशन (Facial Recognition) प्रणाली?
    संचार एवं संचार यन्त्र

     25-02-2020 03:00 PM


  • इंसान और जानवर, कौन किसके घर में सेंध लगा रहा है?
    स्तनधारी

     24-02-2020 03:00 PM


  • जीवन का सार सिखाती एक लघु फिल्म – “द एग (The Egg)”
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     23-02-2020 03:30 PM


  • त्रिशूल का अन्य संस्कृतियों में महत्व
    हथियार व खिलौने

     22-02-2020 01:30 PM


  • रहस्यमयी गाथाओं को समेटे है जौनपुर का त्रिलोचन महादेव मंदिर
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     21-02-2020 11:30 AM


  • मेट्रोपॉलिटन म्यूज़ियम ऑफ़ आर्ट (Metropolitan Museum of Art) में संरक्षित है जौनपुर की जैन कल्पसूत्र पाण्डुलिपि
    द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य

     20-02-2020 12:00 PM


  • संक्रामक रोगों के खिलाफ कैसे लड़ता है टीकाकरण
    कीटाणु,एक कोशीय जीव,क्रोमिस्टा, व शैवाल

     19-02-2020 11:00 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.