मानव का भविष्य और पर्यावरण में होने वाली समस्याएं

जौनपुर

 01-04-2018 09:21 AM
जलवायु व ऋतु

वैश्विक पर्यावरण परिवर्तन इतनी तेजी से हो रहा है कि यह स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है और मानव सहित कई पृथ्वी के निवासियों के भविष्य को खतरे का संकेत दे रहा है। ग्लोबल वॉर्मिंग; वायु, पानी और मिट्टी के प्रदूषण; और बड़े पैमाने पर वनों की कटाई से जैवविविधता में गिरावट आई है जो कि बायोफिजिकल (biophysical) तंत्र की अखंडता को खतरा है जिस पर सभी जीव निर्भर होते हैं।

पर्यावरण के क्षरण का एक प्रमुख कारण अधिक मानव जनसंख्या और प्राकृतिक संसाधनों की खासी खपत है। अगर हम जल्द पर्यावरणीय परिवर्तनों पर ध्यान नहीं देते हैं तो हम जो भी दवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो कुछ भी हासिल कर चुके हैं उसका कोई महत्व नहीं रह जायेगा। चिकित्सकों, मनुष्यों और जैविक समुदाय के सदस्यों के रूप में, हमें स्वास्थ्य और बीमारी पर अपने परिप्रेक्ष्य को व्यापक बनाने की आवश्यकता है। दुनिया की जनसंख्या 3,000 साल पहले की तुलना में अप्रतिम रूप से बढ़ी है, जो पिछले 50 सालों में दो तिहाई वृद्धि के साथ बढ़ी है। वर्ष 2050 तक दुनिया की जनसंख्या 7.4 अरब से 10.6 अरब तक पहुँच सकती है। मानव आबादी में तेजी से वृद्धि, और बढ़ती हुई संसाधनों की खपत ने मनुष्य की सरासर बढ़ती संख्या और विकास की तीव्र गति से धरती को और बुनियादी भौगोलिक चक्र को बदल दिया, जिस पर जीवन निर्भर करता है।

यद्यपि ये मानव प्रजातियों के बारे में सोचने के लिए आशंकित लग सकता है। मानव आबादी ने केवल पृथ्वी की पपड़ी और पतली कार्बनिक परत को प्रभावित नहीं किया है, जो इसे ढक कर रखती है, लेकिन मानव की गतिविधियों से भूगर्भीय पानी भी कम हो गया है, मनुष्य की आबादी का बोझ हमारी अपनी प्रजातियों को प्रभावित करता है और जिनके साथ हम दुनिया को साझा करते हैं।

अधिक जनसंख्या न केवल पर्यावरणीय गिरावट का कारण है, लेकिन गरीबी, सामाजिक ध्रुवीकरण और बड़े पैमाने पर मानव प्रवास में योगदान कर सकता है। ये सारे बदलाव मानव शरीर में भी कई बदलावों को निमंत्रण देते हैं।

1. इकोलॉजिकल चेंज एंड फ्यूचर ऑफ़ द ह्यूमन स्पीशीज: कैन फीजीसीयंस मेक अ डिफरेंस? रॉजर ए रोसेनब्लाट
2. https://www.theguardian.com/environment/2013/jun/30/stephen-emmott-ten-billion



RECENT POST

  • इस्लाम और रमज़ान का एक महत्वपूर्ण पहलू : निय्याह
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     12-04-2021 10:00 AM


  • गोल्डन सिटी ऑफ़ राजस्थान (Golden City of Rajasthan) की एक सैर
    मरुस्थल

     11-04-2021 10:00 AM


  • शर्की सल्तनत और खलीफत
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     10-04-2021 10:16 AM


  • मनुष्यों और अन्य जीवों के शरीर में अंग पुनर्जनन की क्षमता में भिन्नता
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-04-2021 10:01 AM


  • लाभदायक के साथ नुकसानदायक भी हो सकती है, अनुबंध खेती
    भूमि प्रकार (खेतिहर व बंजर)

     08-04-2021 09:45 AM


  • जौनपुर बाजार की खास विशेषता है, जमैथा खरबूज
    साग-सब्जियाँ

     07-04-2021 10:10 AM


  • पर्यावरण और मालिकों के लिए काफी लाभदायक है पेड़ों की छोटे पैमाने पर खेती
    पेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें

     06-04-2021 09:58 AM


  • पक्षी कैसे इतनी मधुर आवाज़ में गाते हैं?
    पंछीयाँ

     05-04-2021 09:49 AM


  • ईस्टर (Easter) पर अंडों का महत्व और प्रतीकवाद
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     04-04-2021 10:00 AM


  • अजीनोमोटो (MSG) स्वादिष्ट अथवा भ्रान्ति!
    स्वाद- खाद्य का इतिहास

     03-04-2021 10:21 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id