अन्य ग्रहों पर जीवन की संभावना

जौनपुर

 31-03-2018 11:42 AM
निवास स्थान

जीवन का विस्तार और इसकी जटिलता यह समझने में मददगार साबित हो सकती है कि क्यों करोड़ों ग्रहों उपग्रहों में से केवल एक ग्रह पर ही जीवन संभव है। अत्यधिक बड़े ग्रह जिनका तापमान माइनस 120 डिग्री सेल्सियस है और जिनका वायुमंडल अमोनिया और मीथेन गैस से भरा हो वो जीवन के लिए बिलकुल अनुकूल नहीं होते। यह हमारे पृथ्वी के नज़दीक बसे ग्रहों शुक्र और मंगल की तरफ इशारा करता है।

शुक्र पृथ्वी से तुलना योग्य है तथा यह भी संभव है कि इस पर कभी समुद्र रहा हो और इसका एक वायुमंडल होगा। लेकिन इसका उष्ण कटिबंधीय समुद्र उबलता होगा और इसके ध्रुवीय क्षोरों पर कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता होगी और ऑक्सीजन की कमी। इस प्रकार से इसका वायुमंडल अल्ट्रा वायलेट किरणों से सुरक्षा प्रदान करने योग्य नहीं होगा। और यदि ऐसी स्थिति में यहाँ पर फोटोसिंथेसिस होता है और ऑक्सीजन का निर्माण होता है तब इस स्थित में यहाँ पर समुद्री जीवन संभव हो सकता है।

मंगल के छोटे आकर का होने के कारण यहाँ का ध्रुव जल्दी पिघल जायेगा। यह वातावरण में मुख्य रूप से कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करता है। यहाँ का वायुमंडल अत्यंत कठिन है और यहाँ तरल रूप में पानी कि मदद से होने वाला फोटोसिंथेसिस संभव नहीं है।

हमारे सौर मंडल में जीवन की संभावना का नगण्य होना यह सन्देश नहीं देता कि सम्पूर्ण तारामंडल में कोई जीवित ग्रह नहीं होगा। प्रत्येक आकाशगंगा हजारों लाखों सौर मंडल को अपने में समाहित किये रहती है जिनमें से कई ऐसे भी हो सकते हैं जो कि पृथ्वी की तरह के वायुमंडल वाले हों। यह तथ्य मात्र एक मत भी हो सकता है।

1. लारौसे साइंस ऑफ़ लाइफ, अ स्टडी ऑफ़ बायोलॉजी सेक्स जेनेटिक्स, हेरिडिटी एंड एवोल्युसन



RECENT POST

  • क्या भारतीय सांख्य और दर्शन से प्रेरित है पाइथागोरस प्रमेय?
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     16-07-2019 02:16 PM


  • कैसे होता है मौसम और ऋतुओं में परिवर्तन?
    जलवायु व ऋतु

     15-07-2019 12:46 PM


  • प्रात: कालीन राग रामकली और उसकी अभिव्यक्ति
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनि

     14-07-2019 09:00 AM


  • जहाँ तर्क की हुई हार, वहाँ अन्धविश्वास का हुआ प्रचार
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-07-2019 11:45 AM


  • उत्तरप्रदेश में आदर्श श्रेणी का स्टेशन है जौनपुर जंक्शन
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-07-2019 12:58 PM


  • भारतीय पारम्परिक परिधान को चार चांद लगाता है मोगरा
    बागवानी के पौधे (बागान)

     11-07-2019 12:50 PM


  • प्लास्टिक प्रदूषण बन रहा है जीवों की मृत्यु का कारण
    नदियाँ

     10-07-2019 01:10 PM


  • बरसात के कीड़ें-मकोड़ों से सुरक्षित रहना है आवश्यक
    तितलियाँ व कीड़े

     09-07-2019 12:20 PM


  • औषधीय गुणों से भरपूर है बेर
    साग-सब्जियाँ

     08-07-2019 11:28 AM


  • जौनपुर के नजदीक स्थित धार्मिक राजधानी वाराणसी का चलचित्र
    द्रिश्य 1 लेंस/तस्वीर उतारना

     07-07-2019 09:00 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.