चार अंगुल मस्जिद और इससे जुड़ा विश्वास

जौनपुर

 17-03-2018 11:06 AM
वास्तुकला 1 वाह्य भवन

जौनपुर अपनी मस्जिदों के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ की मस्जिदों ने इसे एक अलग पहचान दी है। शर्कियों से ले कर मुगलों तक ने यहाँ अपनी वास्तुकला के अनुपम उदाहरणों की प्रस्तुति की है। अकबर ने यहाँ पर कई निर्माण करवाए जिनमें शाही पुल, शाही किले का अग्र भाग व एक मस्जिद प्रमुख हैं। जौनपुर शहर के बीचो-बीच स्थित खालिस मुखलिस या चार अंगुल मस्जिद अपने आप में ही शर्की कला व जौनपुर के मस्जिद निर्माण कला का जीता जागता उदहारण है।

इस मस्जिद का निर्माण इब्राहिम शाह शर्की के शासन काल 1417 ईस्वी में मलिक खालिसी और इब्राहिम शर्की के मलिक मुखल भाइयों द्वारा करवाया गया। तत्कालीन सूफी संत शेख उस्मान शिराजी को श्रद्धांजलि देने के लिए इसे बनवाया गया था। आकार के अनुसार यह मस्जिद जौनपुर की अन्य मस्जिदों से छोटी है। यह मस्जिद वर्तमान में अपने पूर्ण रूप में नहीं है परन्तु इसके आतंरिक व बाह्य रूप को देखकर आसानी से यह बताया जा सकता है कि यह मस्जिद अन्दर व बाहर से अत्यधिक अलंकृत थी। इस मस्जिद का केंद्र भाग एक गुम्बद है जिसके नीचे प्रमुख मेहराब है। वर्तमान काल में इस मस्जिद में कोई मीनार नहीं है तथा इसकी छत की ऊंचाई 30 फुट की है जो 10 मजबूत खम्बों पर टिकी हुयी है। मस्जिद का प्रमुख द्वार 64 फुट चौड़ा है। हुसैन शाह शर्की को परास्त करने के बाद सिकंदर लोदी ने इस मस्जिद को भी तोड़ा था।

इस मस्जिद के साथ एक रोचक कथन यह भी है कि इसका नाम चार अंगुल मस्जिद इस लिए पड़ा क्यूंकि इसके मेहराब के बांयी तरफ एक पत्थर उपस्थित है जो किसी भी प्रकार से नाप में मात्र चार अंगुल का ही होता है। लोक कथा के अनुसार यदि बच्चा भी अपने हाँथ के पंजे से इसको नापे तो भी यह 4 अंगुल की ही दिखाई देती है।

1. द शर्की सल्तनत ऑफ़ जौनपुर, मियां मुहम्मद सईद
2. शर्की आर्किटेक्चर ऑफ़ जौनपुर, फ्यूहरर ए.



RECENT POST

  • जौनपुर किला विश्व के अन्य किलों से कैसे अलग है
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     14-05-2021 09:41 PM


  • ईद उल फ़ित्र या ईद उल फितर अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का सबसे खास मौका होता है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     14-05-2021 09:49 AM


  • जुगनुओ की विशेषता और पर्यटन का इसपर प्रभाव
    शारीरिकव्यवहारिक

     13-05-2021 05:35 PM


  • जौनपुर की अटाला मस्जिद की विशिष्ट वास्तुतकला
    वास्तुकला 1 वाह्य भवन

     12-05-2021 09:26 AM


  • कोरोना महामारी के चलते व्यवसायों को ऑनलाइन रूप से संचालित करने की है अत्यधिक आवश्यकता
    संचार एवं संचार यन्त्र

     10-05-2021 09:41 PM


  • सहजन अथवा ड्रमस्टिक - औषधीय गुणों से भरपूर एक स्वास्थ्यवर्धक पौधा
    जंगलपेड़, झाड़ियाँ, बेल व लतायें साग-सब्जियाँ

     10-05-2021 08:59 AM


  • मातृत्व, मातृ सम्बंध और समाज में माताओं के प्रभाव को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है, मदर्स डे
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     09-05-2021 11:50 AM


  • विदेशों से राहत सामग्री संजीवनी बूटी बनकर पहुंच रही है, साथ ही समझिये मानवीय मदद के सिद्धांतों को
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     08-05-2021 08:58 AM


  • हरफनमौला यानी हर हुनर से परिपूर्ण थे महान दार्शनिक तथा लेखक रबीन्द्रनाथ टैगोर।
    ध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिध्वनि 2- भाषायेंद्रिश्य 2- अभिनय कला द्रिश्य 3 कला व सौन्दर्य विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     07-05-2021 11:27 AM


  • शास्त्रीय भारतीय नृत्य की तीन श्रेणियां है नृत्त, नृत्य एवं नाट्य
    ठहरावः 2000 ईसापूर्व से 600 ईसापूर्व तकध्वनि 1- स्पन्दन से ध्वनिद्रिश्य 2- अभिनय कला

     06-05-2021 09:32 AM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.

    login_user_id