इत्र और जौनपुर

जौनपुर

 13-04-2017 12:00 AM
गंध- ख़ुशबू व इत्र
इत्र का प्रयोग विश्व मे आदिकाल से होता आ रहा है। कई भारतीय कर्मकाण्डों व धार्मिक अनुष्ठानों मे इत्र का प्रयोग होता है। कालीदास की रचनाओं मे विभिन्न प्रकार के पुष्पों के रस तथा चंदन के मिश्रण से बनाये जाने वाले द्रव्य का उल्लेख मिलता है जो कदाचित् इत्र ही है। प्राचीन काल मे मिस्र, ग्रीस व अन्य कई देश भारत से चन्दन की लकड़ियों का व्यापार करते थे। उनके द्वारा लिखित साक्ष्यों से भारत मे इत्र के उत्पाद को पुष्टि मिलती है। भारत में इत्र बनाने के प्रमुख केन्द्रों मे कन्नौज, जौनपुर, गाजीपुर व लखनऊ थे। स्टेट्समैन की वार्षिक पुस्तिका जौनपुर मे इत्र के उन्नत कारखानों का विवरण देती है। वर्तमान समय मे भी यहाँ पर इत्र का उत्पाद चहारसु चौराहा व कोतवाली के आसपास होता है तथा यहाँ से विदेशी बाज़ारों मे इत्र निर्यात होता है।

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