Machine Translator

दुनिया की एक अद्भुत जीव चींटी की जीवनचर्या

जौनपुर

 18-10-2018 02:59 PM
तितलियाँ व कीड़े

साहस, एकता, दृढ़ता, निरंतरता, धैर्य, मेहनत जैसे शब्‍दों की जब बात की जाती है, तो हमारे ज़हन में चींटी का नाम आना स्‍वभाविक है। चींटियां समूह में रहकर जीवन-यापन करती हैं, जो समाज के लिए सामुहिकता का एक प्रत्‍यक्ष उदाहरण हैं। विश्‍व में चींटियों की 1000 से भी अधिक प्रजातियां मौजूद हैं। जिनमें से कुछ ही मानव के लिए हानिकारक होती हैं। सामान्‍यतः चीटियों को तीन समूह में बांटा गया है, जिनमें प्रमुखतः मादाएं ही होती हैं:

रानी चींटी:
रानी चींटी का एकमात्र कार्य अण्‍डे देना है। ये नये समूह का निर्माण करती हैं। वे अपने साथी को अपने पंखों के माध्‍यम से ढूंढती हैं। ये सन्तानोत्पत्ति तथा उनकी देखरेख के अतिरिक्‍त अन्‍य कोई कार्य नहीं करती। इनके लार्वा (Larvae) होने के समय पर अधिक खिलाया जाता है, जिस कारण यह कार्य करने वाली चींटियों से अधिक बड़ी होती हैं। तथा यह समूह के मुखिया की भूमिका निभाती हैं।

श्रमिक चींटी:
पंख रहित ये मादा चींटियां सन्तानोत्पत्ति के अतिरिक्‍त अन्‍य सभी कार्य करती हैं जैसे- सम्‍पूर्ण समूह के लिए भोजन एकत्रित करना, घर बनाना तथा बच्‍चों की देखरेख करना आदि। इन चींटियों के लार्वा होने के समय पर रानी चींटी की अपेक्षा इन्हें कम भोजन दिया जाता है। ये चींटियां कठोर परिश्रम का प्रत्‍यक्ष उदाहरण होती हैं।

नर चींटी:
रानी चींटी को ढूंढने के लिए इनके पास पंख होते हैं। इनका एकमात्र कार्य रानी चींटी से मिलना होता है। इनसे मिलने के पश्‍चात इनकी मृत्‍यु हो जाती है। इन्‍हें ड्रोन (Drone) कहा जाता है।

चींटिंयो का समूह तीस वर्ष तक बना रह सकता है, यह उनकी रानी चींटी की उम्र पर निर्भर करता है। चींटिंयों की आबादी इनकी प्रजातियों पर निर्भर करती है। फायर एन्ट (Fire ant) चींटिंयों की आबादी बढ़ई चींटियों (Carpenter ants) की अपेक्षा अधिक होती है। फायर एंट बढ़ई चींटियों की तुलना में अधिक नुकसानदेह भी होती हैं।

चीटियों के शरीर से फेरोमोन (Pheromone) नामक हार्मोन (Harmone) स्‍त्रावित होता है, जो इनको एक दूसरे से जोड़ने तथा भोजन एकत्रित करने में सहायता करता है। इसी हार्मोन की सुगंध इनके लिए संकेत का कार्य करती है, जिसकी सहायता से ये भोजन की तलाश में कई दूर निकलने के बाद भी वापस अपने घर तक पहुंच जाती हैं।

चींटियों के शरीर में फेफड़े नहीं होते हैं। ये अपने शरीर में स्थित छिद्रों के माध्‍यम से सांस लेती हैं, जो इन्‍हें पानी में भी सांस लेने में सहायता करते हैं। सबसे रोचक बात यह है कि चींटियां अपने शरीर के वज़न से 10-50 गुना अधिक वज़न उठा सकती हैं। साथ ही कुछ चींटियां क्षतिग्रस्‍त होने पर भी जीवित रह सकती हैं तथा कुछ भोजन पानी के बिना सप्‍ताह तक जीवित रह सकती हैं।

युवाओं को प्रोत्‍साहित करने के लिए, हरिवंश राय बच्‍चन जी ने चींटी को संकेत बनाकर बहुत खूबसूरत कविता लिखी है:

नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है
मन का साहस रगों में हिम्मत भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है
मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

संदर्भ:
1.https://www.terminix.com/pest-control/ants/behavior/
2.https://www.terminix.com/blog/education/what-is-an-ant-colony/
3.https://www.rentokil-steritech.com/blog/5-interesting-facts-ants/



RECENT POST

  • विलियम होजेज़ के चित्र में 1792 का दूर्लभ जौनपुर
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     16-11-2018 05:23 PM


  • जब जौनपुर को बुलाया जाता था जौनपुर सरकार
    मध्यकाल 1450 ईस्वी से 1780 ईस्वी तक

     15-11-2018 04:36 PM


  • भारत और कोरिया का सम्बन्ध है 1800 साल से भी पुराना
    छोटे राज्य 300 ईस्वी से 1000 ईस्वी तक

     14-11-2018 01:26 PM


  • विभिन्न धर्मों में देवी पूजा का है समान महत्व
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     13-11-2018 02:46 PM


  • औपनिवेशिक काल के दौरान भारतीय सेना को दिए गए पदक
    उपनिवेश व विश्वयुद्ध 1780 ईस्वी से 1947 ईस्वी तक

     12-11-2018 04:00 PM


  • वेदों में मौजूद हैं विज्ञान के कई सिद्धांत
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     11-11-2018 10:30 AM


  • कहाँ से आया ये अजीब सा शब्द डेंगू?
    तितलियाँ व कीड़े

     10-11-2018 10:00 AM


  • क्या आप जानते हैं आम से जुड़ी ये पौराणिक कहानी
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     09-11-2018 10:00 AM


  • जानियें नवरात्री के पहले दिन जौ उगाने की मान्यता क्यों है
    विचार I - धर्म (मिथक / अनुष्ठान)

     08-11-2018 10:00 AM


  • दीपावली के अवसर पर याद करते हैं नीरज जी की कविता, दिये से मिटेगा न मन का अंधेरा धरा को उठाओ, गगन को झुकाओ!
    विचार 2 दर्शनशास्त्र, गणित व दवा

     07-11-2018 12:06 PM






  • © - 2017 All content on this website, such as text, graphics, logos, button icons, software, images and its selection, arrangement, presentation & overall design, is the property of Indoeuropeans India Pvt. Ltd. and protected by international copyright laws.